Bageshwar Dham Arji Meaning : बागेश्वर धाम अर्जी का मतलब क्या है?

प्रिय भक्तों साधारण शब्दों में 'अर्जी' का अर्थ होता है— प्रार्थना, निवेदन या विनती। जिस प्रकार हम किसी सरकारी कार्यालय में अपनी समस्या के समाधान के लिए 'एप्लीकेशन' (Application) देते हैं, ठीक उसी प्रकार बागेश्वर धाम में अपनी समस्याओं को भगवान बालाजी के चरणों में रखने की प्रक्रिया को 'अर्जी लगाना' कहा जाता है। बागेश्वर धाम के गुरुदेव पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी कई बार कथाओं में कहते हुए देखे गए हैं की बागेश्वर धाम में बालाजी हनुमान न्यायधीश (जज) के रूप में बैठे हैं और बागेश्वर धाम के कोर्ट के मुख्य और एक लौता वकील सन्यासी बाबा हैं। बागेश्वर धाम में अर्जी लगाने का मतलब है केस फाइल करना और आपका वकील सन्यासी बाबा होंगे और हर वकील केस लड़ने के लिए कुछ फीसे लेते हैं जो ज्यादा फीसे देता है उस केस में वकील ज्यादा ध्यान देते हैं और केस जल्दी निपटा देते हैं। 

Bageshwar Dham Arji Ka Matlab Kya Hai Meaning and Rules

इसी प्रकार बागेश्वर धाम में अगर आपको अपनी अर्जी जल्दी स्वीकार करानी है तो बागेश्वर धाम के वकील सन्यासी बाबा को ज्यादा फीस देना होगा।

सन्यासी बाबा फीस क्या लेते हैं ?

सन्यासी बाबा का फीस है "राम नाम का निरंतर जाप" और अर्जी पूर्ण होने तक सात्विक भोजन। मतलब अगर आपकी कोई भी समस्या है और आप बागेश्वर धाम में अर्जी लगाना चाहते हैं तो अर्जी लगाने के बाद अर्जी पूरी होने तक निरंतर आपको राम नाम का जप करना है और बागेश्वर धाम का मंत्र ॐ बगेश्वराय नमः  और सन्यासी बाबा का मंत्र ॐ सन्यासी देवाय नमः का हर दिन कम से कम 3 माला जप, रूद्राक्ष की माला से करना है अगर माला जप नहीं कर सकते तो मन ही मन जप कर सकते हैं। और एक बात का विशेष ध्यान रखें जब तक अर्जी स्वीकार न हो जाये लहसुन,प्याज से बने भोजन और हर प्रकार के मांसाहार भोजन से दूर रहना है।

लेकिन केस 1-2 दिन में तो नहीं खत्म होता है इसके लिए कई बार कोर्ट में हाजरी लगानी पड़ती है फिर केस का निपटारा होता है इसी प्रकार बागेश्वर धाम में अर्जी स्वीकर कराने के लिए 21 पेसी (हाजरी) करनी पड़ती है। ऐसी मान्यता है की 21 पेसी (हाजरी) पूरी करने तक हर भक्त की मनोकामना या अर्जी स्वीकार हो जाती है। 

बागेश्वर धाम में पेसी (हाजरी) कैसे करते हैं ?

जिस प्रकार कोर्ट में केस होने पर हाजरी देनी पड़ती है उसी प्रकार बागेश्वर धाम में अर्जी स्वीकार कराने के लिए पेसी करनी पड़ती है और टोटल 21 पेसी करने का नियम है, 21 पेसी तक मनोकामना पूरी हो जाती है ऐसी मान्यता है। पेसी के लिए भक्त को मंगलवार या शनिवार को बागेश्वर धाम जाना पड़ता है और सुबह/शाम की आरती में सामूहिक भाग लेना पड़ता है और बागेश्वर धाम बालाजी सरकार की 11 या 21 परिक्रमा करनी पडती है तब 1 पेसी पूरी होती है। इसी प्रकार जब भी आपको समय मिले मंगलवार या शनिवार को बागेश्वर धाम जाकर पेसी कर सकते हैं ध्यान रहे पेसी शुरु करने के बाद 21 पेसी तक शात्विक भोजन ही करें।  

अर्जी स्वीकार होने का क्या अर्थ है?

जब गुरुदेव महाराज पंडित श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी, दिव्य दरबार में किसी का पर्चा बनाते हैं, तो उसे 'अर्जी स्वीकार होना' कहा जाता है। इसका मतलब है कि बालाजी ने आपकी प्रार्थना सुन ली है और अब आपके संकट कटने का समय आ गया है। पर्चा बनने के बाद 21 पेसी पूरी करनी पड़ती है। लेकिन बागेश्वर धाम के दिव्य दरबार में लाखों लोग आते हैं और सबका पर्चा बन पाना संभव नहीं हो पता है इसलिए कथा के दौरान गुरुदेव सभी का सामूहिक अर्जी लगा देते हैं मतलब सन्यासी बाबा या बालाजी सरकार तक आपकी बात पहुँचा देते हैं अब आगे आपकी समस्या का समाधान करना बालाजी की ज़िम्मेदारी हैबनती है लेकिन उसके लिए आपको 21 पेसी करनी होगी। पर्चा बने या ना बने अगर अर्जी लगाने के बाद आप पेसी करना शुरु कर देते हैं तो 21 पेसी होने तक आपके मान्यता है की आपके काम सफल होने लगते हैं। 

बिना पर्चा बने अर्जी स्वीकार होने का संकेत कैसे मिलता है? 

अगर आपने अर्जी लगा दी है और नियम का पालन कर रहे हैं तो आपको कैसे पता चलेगा की आपकी अर्जी स्वीकार हो रही है, तो गुरुदेव भगवन कहते हैं की अर्जी लगाने के बाद अगर 2 दिन तक लगातार परिवार के किसी भी सदस्य के सपने में बन्दर दिखाई देता है तो समझ जाना की अर्जी स्वीकार हो गई है। लेकिन हर किसी को सपना आये ये जरुरी भी नहीं है कई बार बिना संकेत के भी अर्जी स्वीकार हो जाती है और काम सफल होने लगते हैं।

बागेश्वर धाम में Arji कैसे लगाते हैं ?

अर्जी लगाने के लिए 1 नारियल, 5 लोंग और लोंग और नारियल को बांधने के लिए लाल, काला या पिला कपडा की जरुरत पड़ता है।

सभी प्रकार के मनोकामना ओं के लिए लाल कपड़ा, भूत बाधा से ग्रस्त रोगियों के लिए काला कपड़ा और नई शुरुआत जैसे शादी विवाह या कोई शुभ कार्य में पीला कपड़ा में नारियल और लोंग को बांधा जाता है।

बागेश्वर धाम के लिए अर्जी आप 3 प्रकार से लगा सकते हैं पहला बागेश्वर धाम जाकर, दूसरा गुरुदेव महाराज पंडित श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के कथा या दिव्य दरबार में सामूहिक अर्जी में भाग लेकर और तीसरा घर बैठे अर्जी लगा कर। अगर आप बागेश्वर धाम जाकर अर्जी लगाना चाहते हैं तो सबसे पहले बागेश्वर धाम जाइये फिर स्नान कर साफ वस्त्र धारण करिए फिर बागेश्वर धाम मंदिर के पास लाल, पिला या काला कपडा में नारियल और 5 लोंग डालकर बालाजी सरकार का ध्यान कर 3 बार अपनी मनोकामना बोलें और नारियल को बागेश्वर धाम परिसर में ही बांध दें और पेसी करना शुरु कर दें ।

अगर आप घर बैठे अर्जी लगाना चाहते हैं तो इसे पढिये : बागेश्वर धाम में घर बैठे अर्जी कैसे लगायें 

निष्कर्ष

बागेश्वर धाम सरकार में अर्जी लगाना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि अटूट विश्वास और अनुशासन का मार्ग है। जैसा कि हमने समझा, सन्यासी बाबा हमारे वकील के रूप में बालाजी के सम्मुख हमारी पैरवी करते हैं, लेकिन इसके बदले वे केवल 'राम नाम' का जप और सात्विक जीवन की 'फीस' मांगते हैं। चाहे आपका पर्चा बने या न बने, यदि आप पूर्ण श्रद्धा के साथ 21 पेशी और नियमों का पालन करते हैं, तो बालाजी की कृपा आप पर होती है ऐसी मान्यता है। 

Disclaimer : यह पोस्ट केवल शैक्षिक और सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। बागेश्वर धाम से जुड़ी मान्यताएं और अर्जी की प्रक्रिया भक्तों के व्यक्तिगत अनुभव और गुरुदेव पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के प्रवचनों पर आधारित हैं। हम (Bageshwar Dham Guide) किसी भी प्रकार के अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देते हैं। किसी भी गंभीर बीमारी या समस्या के समाधान के लिए आध्यात्मिक प्रार्थना के साथ-साथ उचित डॉक्टरी सलाह और कानूनी प्रक्रिया का पालन अवश्य करें। धाम में अर्जी या पेशी के नाम पर किसी भी व्यक्ति को पैसे न दें, क्योंकि यहाँ सभी सेवाएं निशुल्क हैं।

Source : पूज्य गुरुदेव पंडित श्री धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी (बागेश्वर धाम सरकार) के  प्रवचन और सत्संग। बागेश्वर धाम सरकार की आधिकारिक वेबसाइट: www.bageshwardham.co.in एवं दिव्य दरबार के दौरान दी गई सार्वजनिक सूचनाएं।

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