Bageshwar Dham Sundar Kand Mandal क्या है? जानिए उद्देश्य, कार्य और बनाने का तरीका

प्रिय भक्तों आज पूरे भारत में एक ही गूंज है—"जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई।" बागेश्वर धाम के पूज्य Dhirendra Krishna Shastri जी (Bageshwar Dham Sarkar) के नेतृत्व में सनातन संस्कृति को मजबूत करने  की दिशा में Bageshwar Dham Sundar Kand Mandal बनाने की एक ऐतिहासिक पहल शुरू हुई है। इस संकल्प को सिद्ध करने के लिए महाराज जी ने दो मुख्य स्तंभ बताए हैं: साधु-संतों का कमंडल और बागेश्वर धाम का सुंदरकांड मंडल

Bageshwar Dham Sundar Kand Mandal kya hai aur iska uddeshya

आइए जानते हैं कि क्या है यह बागेश्वर धाम सुंदरकांड मंडल, इसका उद्देश्य क्या है और आप इससे कैसे जुड़ सकते हैं।

Bageshwar Dham Sundar Kand Mandal के मुख्य उद्देश्य क्या हैं?

बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) के सुंदरकांड मंडल का लक्ष्य केवल सुन्दर कांड का पाठ करना नहीं है, बल्कि लोगों में धार्मिक जागरूकता लाना और सनातन संस्कृति को संरक्षित करना है। इसके मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं:

  • धार्मिक और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाना  : वैचारिक क्रांति के माध्यम से भारत को पुनः अपनी जड़ों से जोड़ना।
  • सामाजिक समरसता : ऊंच-नीच और भेदभाव को भुलाकर हर गली, मोहल्ले और नुक्कड़ पर समाज को एक सूत्र में पिरोना।
  • धार्मिक जागरूकता फैलाना : गांव-गांव में भ्रामक गतिविधियों या सामाजिक चुनौतियों को विफल करना।
  • युवा शक्ति का जागरण : अपनी संस्कृति के प्रति युवाओं को सशक्त और जागरूक बनाना।

Bageshwar Dham का Sundar Kand Mandal  क्या होता है?

बागेश्वर धाम (Bageshwar Dham) का  “सुंदरकांड मंडल ”  यह एक भक्ति-आधारित समूह (Devotional Group) होता है जो भारत के किसी भी कोने में हो सकता है। ये ग्रुप बागेश्वर धाम के सुंदरकांड मंडल टीम के द्वारा बनाया जाता है और उसका रजिस्ट्रेशन भी बागेश्वर धाम टीम के द्वारा कराया जाता है। इस सुंदरकांड मंडल को बनाने का मकसद पुरे भारत में धार्मिक जागरूकता लाना है।

बागेश्वर धाम के महाराज पूज्य श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जी कहते हैं की अगर भारत को भ्रामक गतिविधियों या सामाजिक चुनौतियों से मुक्त देखना चाहते हो तो पहले एक राज्य को इन गतिविधियों से मुक्त करना होगा।  राज्य से पहले एक जिला को मुक्त करना होगा। जिलों से पहले एक पंचायत को मुक्त करना होगा। पंचायतों से पहले एक गाँव को मुक्त करना होगा। एक गाँव से इन गतिविधियों को मुक्त करने के लिए गाँव में एक सुंदरकांड मंडल  का होना अति अवश्यक है । अर्थात्  सुंदरकांड मंडल बनाने का साधारण सा अर्थ है गाँव से पंचायत, पंचायत से जिला, जिला से राज्य और राज्य से पुरे भारत में सांस्कृतिक जागरूकता लाना।

आप सोच रहे होंगे की अगर किसी गाँव में सुंदरकांड मंडल का गठन हो जाता है तो सुंदरकांड मंडल के सदस्य गाँव में क्या करती है? 

प्रिय भक्तों अगर किसी गाँव में सुंदरकांड मंडल का गठन हो जाता है तो गाँव के सुंदरकांड मंडल के सदस्य का सबसे पहला काम होता है गाँव में  विशेष रूप से हर मंगलवार और शनिवार को गाँव के लोगों को किसी मंदिर या सार्वजनिक स्थान पर एकत्रिक होने के लिए कहना और सामूहिक रामचरितमानस के सुंदरकांड का पाठ करना। इससे लोगों में धार्मिक जागरूकता फैलेगी और लोग अपनी संस्कृति के प्रति जागरूक होंगे। 

सावधान! सुंदरकांड मंडल के नाम पर धोखाधड़ी से बचें

Dhirendra Krishna Shastri जी ने अपने संदेश में स्पष्ट किया है कि कुछ लोग 'बागेश्वर धाम' और 'सुंदरकांड मंडल' के नाम का दुरुपयोग कर धन (अर्थ) कमाने की कोशिश कर रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण बातें कही हैं:

  1. कोई शुल्क नहीं : सुंदरकांड मंडल के गठन या सदस्यता के लिए कोई फीस या दक्षिणा नहीं ली जाती। यह पूरी तरह निशुल्क और सेवा भाव पर आधारित है।
  2. परमार्थ ही सर्वोपरि : बागेश्वर धाम का सिद्धांत स्पष्ट है—हमें अर्थ (पैसा) नहीं जुटाना, बल्कि परमार्थ और सामाजिक एकता फैलाना  है।
  3. सजग रहें : यदि कोई आपसे मंडल बनाने के नाम पर पैसे मांगे, तो उसके झांसे में न आएं।

Bageshwar Dham Sundar Kand Mandal का गठन कैसे करें? (संपर्क और प्रक्रिया)

यदि आप अपने गांव, घर या किसी मंदिर में सुंदरकांड मंडल का गठन करना चाहते हैं, तो आपको बागेश्वर धाम केंद्र की टीम से संपर्क कर अपना पंजीकरण (Verification) कराना अनिवार्य है।

केंद्र की मुख्य टीम के सदस्य :

सुंदरकांड मंडल के सुचारू संचालन और निगरानी के लिए निम्नलिखित पदाधिकारी मुख्य जिम्मेदारी निभा रहे हैं -

  1. श्री राजेंद्र मिश्रा जी (समिति सचिव)
  2. श्री सुंदरलाल गायकवार जी
  3. श्री राजेंद्र अवस्थी जी
  4. श्री पप्पू शर्मा जी
  5. श्री ओमप्रकाश तिवारी जी

महत्वपूर्ण सूचना: पूज्य महाराज जी का विशेष संदेश

सुंदरकांड मंडल के गठन, इसकी कार्यप्रणाली और धोखाधड़ी से बचने के लिए महाराज जी ने स्वयं इस वीडियो के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी है। मंडल का हिस्सा बनने से पहले इस वीडियो को पूरा अवश्य देखें ताकि आप सही प्रक्रिया को समझ सकें:



"वीडियो देखने के बाद, यदि आप अपने क्षेत्र में मंडल का गठन करना चाहते हैं, तो ऊपर दी गई केंद्र की आधिकारिक टीम से संपर्क करें।"

Bageshwar Dham Sundar Kand Mandal का पंजीकरण क्यों जरूरी है?

जब आप बागेश्वर धाम केंद्र की टीम से संपर्क करते हैं, तो आपकी जानकारी जैसे आपका नाम, आयोजन स्थल (मंदिर या तीर्थ स्थान) और आपकी टीम का विवरण दर्ज किया जाता है। इसके बाद आपको एक परिचय पुस्तिका और आधिकारिक कार्ड प्रदान किया जाता है, जिससे आप धाम की निगरानी में रहकर धर्म कार्य कर सकें।

❓ FAQ

Q1. सुंदरकांड मंडल क्या होता है?

👉 यह एक भक्ति समूह है जो सुंदरकांड पाठ करता है।

Q2. क्या इसमें जुड़ने के लिए फीस लगती है?

👉 नहीं, यह पूरी तरह निःशुल्क है।

Q3. मंडल कैसे बनाएं?

👉 बागेश्वर धाम टीम से संपर्क कर सकते हैं।

Q4. क्या सुंदरकांड मंडल केवल किसी विशेष स्थान पर ही बन सकता है?

👉 नहीं, सुंदरकांड मंडल भारत के किसी भी गांव, शहर या मोहल्ले में बनाया जा सकता है।

Q5. सुंदरकांड मंडल में कौन-कौन जुड़ सकता है?

👉 इसमें कोई भी व्यक्ति जुड़ सकता है जो भक्ति, सेवा और सांस्कृतिक गतिविधियों में रुचि रखता हो।

Q6. सुंदरकांड पाठ करने के क्या लाभ हैं?

👉 नियमित सुंदरकांड पाठ से मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक विकास में मदद मिलती है।

Q7. क्या सुंदरकांड मंडल में जुड़ना अनिवार्य है?

👉 नहीं, यह पूरी तरह स्वैच्छिक (voluntary) है। कोई भी व्यक्ति अपनी इच्छा से जुड़ सकता है।

Q8. क्या यह किसी प्रकार का आधिकारिक सरकारी संगठन है?

👉 नहीं, यह एक धार्मिक और सामाजिक पहल है, जो सेवा और भक्ति के उद्देश्य से संचालित होती है।

Disclaimer

यह पोस्ट केवल धार्मिक, सांस्कृतिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न सार्वजनिक स्रोतों और मान्यताओं पर आधारित है।

Bageshwar Dham या Dhirendra Krishna Shastri से संबंधित किसी भी आधिकारिक पुष्टि के लिए कृपया उनके आधिकारिक माध्यमों का ही उपयोग करें।

इस लेख का उद्देश्य किसी भी धर्म, समुदाय या व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं है। सभी पाठकों से अनुरोध है कि वे इस जानकारी को केवल जागरूकता और सामान्य ज्ञान के रूप में ही लें।

यदि इस लेख में कोई त्रुटि पाई जाती है, तो कृपया हमें सूचित करें, ताकि आवश्यक सुधार किया जा सके।

निष्कर्ष

आज के समय में समाज को जोड़ने और अपनी संस्कृति को मजबूत करने की आवश्यकता है। Bageshwar Dham का सुंदरकांड मंडल इसी दिशा में एक सकारात्मक पहल है। आप भी अपने क्षेत्र में मंडल बनाकर इस धार्मिक और सामाजिक अभियान का हिस्सा बन सकते हैं।

जय श्री राम! जय बागेश्वर धाम!

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